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पनौती

पनौती की व्युत्पत्ति 
हिंदी में -औती प्रत्यय से अनेक शब्द बनते हैं, जैसे -कटौती, चुनौती, मनौती, बपौती आदि। पनौती के बारे में कम लोग जानते हैं क्योंकि इसके आधार शब्द के बारे में जानकारी नहीं है। 
पनौती का कोशीय और लाक्षणिक अर्थ समझने के लिए दो मार्ग हैं:
१. पानी > पन (जैसे- पनबिजली, पनचक्की, पनीला) + औती= पनौती, बाढ़, सैलाब। 
२. पन- संस्कृत 'पर्वन्' से (अवस्था- जैसे बचपन; दशा) + औती, पनौती; शनि की बुरी दशा का समय (bad phase)। शनि ग्रह की साढ़े साती, जो जीवन में अधिक से अधिक केवल चार बार ही आती है।
दोनों स्थितियों में पनौती का लाक्षणिक अर्थ कठिनाई, मुसीबत।
अभिधार्थ (कोशीय अर्थ) पर ही लाक्षणिक अर्थ टिका होता है। "मुख्यार्थबाधे तद् योगे लक्षणा"। जब मुख्य अर्थ बाधक हो तो उसके आधार पर नया अर्थ लाक्षणिक होता है। 
पनौती चाहे बाढ़ की हो, चाहे शनि ग्रह की; दोनों ही दशाओं में डरावनी और विनाश की सूचक है। इसलिए आश्चर्य नहीं कि लोक में 'पनौती आना' मुहावरा बन गया और इसका लाक्षणिक अर्थ विस्तार मुसीबत के रूप में हो गया। कई लोग तिरस्कार के रूप में 'पनौती' बोलते हैं। जैसे 'सुबह-सुबह किस पनौती के दर्शन हो गए?'
पनौती को मराठी में पनवती/पनोती, गुजराती में पनोती (પનોતી) कहा जाता है।
अब किसी भी भाषा में हो, पनौती तो पनौती है। अंधविश्वास ही है किंतु कहा जाता है कि आती है तो असर दिखाकर ही जाती है।

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