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नमक चर्चा

नमक नमक में भी भेद है!
(फोटो सौजन्य Wikimedia.org )

कितनी अजीब बात है न कि नमक शब्द फ़ारसी से आया, व्रत-उपवास में पवित्र (चोखा) माना जाने वाला सुलेमानी/लाहौरी नमक पाकिस्तान से और बढ़ते रक्तचाप में परहेज़ वाला 'खतरनाक' सादा समुद्री नमक गुजरात से। समुद्री नमक को ही पकाकर काला नमक बनता है, जिसे 'पद-नोन' भी कहा जाता है। हमारे एक मित्र इसे ढूँ-ढाँ नमक भी कहा करते थे, कारण आप समझ सकते हैं।अपान वायु मोचक होने के कारण काले नमक को ही पादे लोण या पदनोन कहा जाता है। काला नमक किसी प्राकृतिक स्रोत से नहीं मिलता बल्कि समुद्री नमक में हरड़, जीरा, अजवायन आदि अनेक आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियाँ मिलाकर घड़ों में भरकर भट्टी में खूब पकाया जाता है। ठंडा होने पर घड़ा तोड़कर निकाल लेते हैं।
हिंदी की उपभाषाओं/बोलियों में नमक के लिए प्रचलित सभी शब्द संस्कृत 'लवण' से व्युत्पन्न हैं: लोन, नोन, नून, लून, नूण, लूण आदि।

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