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निदेश और निर्देश

 


निर्देश –निदेश 

निर्देश में आज्ञा या आदेश जैसी बाध्यता तो नहीं, व्यापकता अवश्य है | व्यापक रूप से और सामान्यतः ये हितैषी ही होते हैं जैसे डॉटर रोगी को निर्देश देता है या शिक्षक छात्रों को प्रश्नपत्र हल करने के बारे में निर्देश देते हैं |
वस्तुतः “निर्देश" संदेशवाहन की एक प्रक्रिया है जिसमें प्रेषित संदेश को विश्वास के साथ ग्रहण कर लिया जाता है” (~मैकडूगल) | आदेश में यह विशेषता होना ज़रूरी नहीं | निर्देश का प्रयोग प्रायः सूचना देना, बताना, मार्ग दिखाना आदि है | जैसे :

  • सभी प्रश्न हल करने हैं |                        (सूचना)

  • आप नहीं होंगे तो हमारा निर्देशन कौन करेगा?       (मार्ग दर्शन)

  • निर्दिष्ट अनुच्छेद में स्पष्ट लिखा है | (बताए हुए/निर्देश किए हुए}

प्रबंधन में भी आदेश और निर्देश को भिन्न माना गया है और दोनों की एकात्मता पर बल दिया जाता है | प्रबंधन की भाषा में कुशलतापूर्वक कार्य सम्पादन के लिए सक्षम अधिकारी और अधीनस्थ के बीच सीधा संवाद आदेश है जब कि सामान्य उद्देश्य के लिए काम कर रहे समूह के लिए संप्रेषित संवाद निर्देश है | 

निर्देश और निर्देशन में भी सूक्ष्म अंतर है | निर्देश की चर्चा बहुत हो गई, अब थोड़ा ‘निर्देशन’ की ओर भी नज़र डालें | किसी महत्वपूर्ण काम, योजना, नवीन सृजन आदि के लिए विशेष संकेत देने का कार्य है निर्देशन | अर्थात किसी शोध कार्य, योजना, संगीत रचना, फिल्म निर्माण, नाट्य प्रस्तुति आदि में शोधार्थियों, कार्मिकों, कलाकारों आदि का  विशष मार्ग दर्शन | जैसे :

  • ‘पद्मावती” का निर्देशन संजय लीला भंसाली द्वारा किया गया है |  (नाटक, फिल्म, संगीत-कार्यक्रम आदि में डायरेक्शन) 

  • तुलनात्मक व्याकरण पर मेरे शोधकार्य का निर्देशन प्रो. दिलीप कर रहे हैं | (मार्ग दर्शन)

  • बाँध का निर्माण कार्य एक कुशल अभियंता के निर्देशन में हो रहा है |      (देख-रेख)

इसी निर्देशन से बना शब्द है ‘निर्देशक’, अर्थात जो निर्देशन का काम संपादित करे | 

  • अच्छे निर्देशकों में श्याम बेनेगल का नाम सर्वोपरि है.

  • ‘सूरज का सातवाँ घोड़ा’ का निर्देशक कौन था?

ध्यान में रखने की बात यह है कि यह ‘निर्देशक’ शब्द ‘निदेशक’ से भिन्न है | विशिष्ट प्रशासनिक कार्य के सन्दर्भ में इसका प्रयोग होता है. यद्यपि ‘निर्देशक’ और ‘निदेशक’ दोनों को अंग्रेजी के ‘डायरेक्टर’ के लिए प्रयुक्त किया जाता है फिर भी निदेशक एक पूरे महकमे ‘निदेशालय’ का प्रमुख होता है जो संयुक्त निदेशक, उपनिदेशक, सहायक निदेशक आदि कर्मियों से सज्जित होता है | 

यह हम देख ही चुके हैं कि निर्देशक ‘गाइड’ भी होता है, जिसका प्रयोग प्रायः पुल्लिंग में होता है | इससे जब निर्देशिकाएँ ‘गाइडें’ बनती हैं तो इसका अर्थ ‘कुंजिकाओं’ से होता है, जो परीक्षा में पास कराने का आश्वासन देती हैं | मने बाज़ारू नोट्स जो परीक्षों के मौसम में गर्म केकों की तरह बिकते हैं |

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