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"जी" अव्यय: व्युत्पत्ति और प्रयोग

जी :  جی


व्युत्पत्ति: संस्कृत "जीव" (√जीव् + क) ( जीवति वाला) <> जिव्व, जिव (प्राकृत) > जी (हिंदी) > जीउ, जियू, जू (राजस्थानी) > ज्यू (कुमाउँनी)। असमी জীউ ।
१. आदरसूचक अव्यय
लिंग, वचन निरपेक्ष
~ नाम, उपनाम के साथ  स्वतंत्र -- नरेश जी, मोदी जी,【माता जी, पिता जी (संबोधन में)】, लाला जी, मुंशी जी, नेता जी

~ कुछ रिश्तों के साथ (संदर्भ देते हुए) जोड़कर -- मेरे पिताजी, जया की माताजी
~ कुछ प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों के साथ जुड़कर (विकल्प से) -- गांधीजी, रामजी
~किसी के नाम का अंग उसी के साथ जुड़कर -- किशनजी दुबे, रामजी वर्मा

२. स्वीकृति, अस्वीकृति, निषेध, प्रश्न सूचक अव्यय
~ जी, जी!, हाँ जी, नहीं जी, जी नहीं
~ जी? क्यों जी? जी, क्या कहा?

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