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हाल, हालात और हलचल


हाल, हाल-चाल और हलचल

हाल (पु) और हालत (स्त्री) अरबी से आए हुए शब्द हैं। दोनों का अर्थ है स्थिति, दशा, संवाद, अवस्था, परिस्थिति, वर्तमान, समाचार आदि।कभी-कभी बुरी दशा हो जाने पर कहा जाता है हाल बेहाल हो गए। दोनों का बहुवचन रूप उर्दू में हालात है। चूँकि आगत शब्दों पर व्याकरणिक नियम हिंदी के लागू होंगे, इसलिए हिंदी में तिर्यक बहुवचन होगा हालों, हालतों। अनेक बार "हालातों" प्रयोग देखा जाता है जो दोहरा बहुवचन होने से ठीक नहीं है। 
अरबी हाल में हिंदी चाल मिला दी जाती है तो शब्द बनता है हाल-चाल, अर्थात् वर्तमान स्थिति या दशा, कुशल-क्षेम, खैरियत। हाल-चाल और हलचल में देखने में चाहे केवल आ की मात्रा का अंतर हो किंतु दोनों भिन्न शब्द हैं।
हलचल हिंदी की दो क्रियाओं - हिलना और चलना से बना है। लोगों के बीच किन्हीं तात्कालिक कारणों से फैली हुई अधीरता, घबराहट, बेचैनी वाली गतिविधि हलचल के अंतर्गत आती है। लोग अपनी सामान्य चाल से आगे कुछ अधिक तत्परता पूर्वक आने-जाने लगते हैं, हड़बड़ी में होते हैं या व्यस्त दिखाई पड़ते हैं तो हलचल होती है। बारात के आने से, प्रतीक्षित विशिष्ट मेहमान के पधारने पर, किसी आंदोलन के कारण भी हलचल दिखाई पड़ सकती है। कभी-कभी किसी भय या संकट के कारण भी हलचल हो सकती है। अत्यधिक हलचल ही आगे चलकर खलबली में बदल सकती है।


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