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कांजी हाउस कथा…

काँजी हाउस सुने हैं कभी?
खेती को हानि पहुँचाने वाले, अनारक्षित, आवारा मवेशियों (गाय, बैल, गधे, बकरियाँ आदि) को पकड़ कर रखने और बाद में उनके स्वामियों से दंड वसूल करने के लिए नगर पालिकाओं, पंचायतों आदि के द्वारा कुछ पशुबाड़े बनाए जाते हैं जिन्हें काँजी हाउस कहा जाता है। सरकार अथवा सरकार द्वारा सहायता प्राप्त निजी संस्थाओं के द्वारा काँजी हाउसों की व्यवस्था की जाती है। इन्हें बोलचाल में काजी हौस भी कहा जाता है लेकिन इनका किन्हीं 'काज़ी' साहब से कोई संबंध नहीं है।


काँजी हाउस शब्द की उत्पत्ति और अर्थ विस्तार की कथा बड़ी रोचक है। उधर दक्षिण का एक लोकप्रिय घरेलू पेय पदार्थ है- कंजी, जो भात को कुछ घंटों के लिए रात भर पानी में भिगोकर बनाया जाता है और बहुत पौष्टिक होता है। अंग्रेज बहादुर के राजकाज के शुरुआती दिनों में, (अंग्रेजों का शुरुआती प्रमुख केंद्र मद्रास था) सेना के भारतीय सैनिक जब कच्ची शराब पी लेते (पक्की तो उन्हें नसीब हो नहीं सकती थी) और उसके नशे में उद्दंडता या दुर्व्यवहार करते हुए पकड़े जाते तो उन्हें कुछ दिन के लिए बाकी सैनिकों से अलग बने हुए किसी घर में भेज दिया दिया जाता। वहाँ सजा के तौर पर उन्हें केवल कंजी ही दी जाती थी। तब अंग्रेजों को पता नहीं होगा कि कंजी में बहुत पौष्टिक तत्व होते हैं। दंड के लिए निर्धारित उस घर को कांजी हाउस ("congee house" - दे. हॉब्सन-जॉब्सन कोश) कहा जाने लगा क्योंकि वहाँ केवल कांजी ही खाने-पीने को मिलती थी। ये काँजी हाउस एक प्रकार के सुधार गृह होते थे और कुछ दिनों के बाद  इनमें बंदी बनाए गए सिपाहियों को वापस काम पर भेज दिया जाता था।

 
आगे चलकर काँजी हाउस सैनिकों के सुधार गृह नहीं रहे। शब्द में पृथक्करण और सज़ा वाला भाव प्रमुख रह गया और आवारा पशुओं के पृथक्करण के लिए निर्मित बाड़े को "कांजी हाउस" कहा जाने लगा।
बहरहाल कांजी, कंजी को न केवल भारतवर्ष में, अपितु दक्षिणी और पूर्वी एशिया के अनेक देशों में भी पौष्टिक और लोकप्रिय आहार माना जाता है और बड़े चाव से पिया जाता है। तमिल शब्द कांजी तेलुगु और कन्नड़ में गंजी , मलयालम में कन्नी कहा जाता है। आगे चलकर यह शब्द पुर्तगालियों के साथ यूरोप पहुँचा और पुर्तगाली से अंग्रेजी में लिया गया, जैसा कि बाद की औपनिवेशिक शक्तियों ने कई पुर्तगाली शब्दों के साथ किया। अन्य यूरोपीय भाषाओं में भी इसके कई प्रारंभिक रूप देखने को मिलते हैं– जैसे कि लैटिन में कैंडगी, इतालवी में कैंगिया और फ्रेंच में कैंजे ।
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