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पत्र, पत्ता, पत्तल और पतला


पत्र का अर्थ है पत्ता| पत्ता वाले पत्र से ही चिट्ठी वाला पत्र भी बनता है| पौराणिक कहानियाँ हमें बताती हैं कि शकुंतला ने दुष्यंत को कमल पत्र (पत्ते) पर पत्र लिखा था | कहा जाता है कि भोज ने भी अपने चाचा मुंज को किसी पत्ते पर अपने रक्त से पत्र लिखा था| फिर ये पत्र भोज पत्र पर, पतले कपड़े पर , ताँबे के पत्तर (ताम्रपत्र) पर लिखे जाने लगे| जन्मपत्री या पंडित जी का पातड़ा भी पत्र से ही बने हैं| पत्र से ही पत्ता > पात > और पत्तल शब्द भी बने हैं | पत्ता पतला होता है और जो व्यक्ति पत्ते के समान हल्का-दुबला होता है वह भी पतला कहलाएगा | उधर पत्तों से बनी थाली पत्तल है| संस्कृत पत्राल > प्राकृत पत्तला > हिन्दी पत्तल , पतला | यह शब्द प्रायः सभी आधुनिक भारतीय आर्य भाषाओं में किसी न किसी रूप में विद्यमान है| 
हिंदी में दुबला विशेषण संस्कृत के दुर्बल से है| दोनों से शब्दयुग्म बनता है दुबला-पतला| इसी वर्ग का एक और शब्द है निर्बल, किंतु दुर्बल से दुबला हो सकता है निर्बल से निबला नहीं| दुबला मोटा का विलोम है, अर्थ है: कमजोर, क्षीणकाय, अशक्त, जो मोटा नहीं है| इसका प्रयोग केवल सजीव के लिए होता है जैसे दुबला आदमी, दुबली गाय, दुबला कुत्ता| निर्जीव के लिए कभी दुबला विशेषण नहीं आएगा। दुबला दूध, दुबला अंडा, दुबला पेड़ नहीं हो सकता|
पतला की अर्थ व्याप्ति दुबला से अधिक है और यह सजीव-निर्जीव में भेद नहीं करता| जो मनुष्य या पशु-पक्षी मोटा नहीं है वह दुबला भी हो सकता है और पतला भी | मोटा के विलोम के रूप में पतला: पतला गला, पतला कंठ, पतला स्वर, पतली आवाज़, पतली चादर, पतली रजाई जैसे प्रयोग बनते हैं| पतला कहीं गाढ़ा के विलोम के रूप में भी आता है| जो दूध गाढ़ा नहीं है वह पतला (तरल) है | इसी प्रकार पतली छाछ, पतली दाल, पतला काढ़ा आदि वे पदार्थ जिनमें द्रव या तरलता की मात्रा अधिक हो| 
जिसका घेरा, लपेट या चौड़ाई कम हो उनके लिए भी पतला विशेषण है; जैसे पतला पेड़, पतले पौधे, पतली चम्मच, पतला खंभा , पतली लकड़ी, पतली कमर, पतले होंठ आदि| सँकरा या कम चौड़ा के लिए भी पतला विशेषण प्रयुक्त होता है जैसे पतला रास्ता, पतली गली, पतली पगडंडी, पतला नाला| पतला विशेषण गाढ़ा या घना का विलोम भी है: जैसे गाढ़ा कपड़ा, पतला (झीना) कपड़ा; घने बादल पतले बादल; घने बाल पतले बाल|
लाक्षणिक प्रयोग के रूप में पतला से बने हुए कुछ मुहावरे हैं: हालत पतली होना, पतला पड़ना, पतला समझना आदि|

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